नई दिल्ली : बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग अपरिवर्तित बंद हुए। अमेरिकी टैरिफ की 9 जुलाई की समयसीमा से पहले सतर्कता, एशियाई बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी फंडों की निकासी ने बाजार पर असर डाला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 48 पैसे गिरकर 85.88 (अस्थायी) पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 9.61 अंक या 0.01 प्रतिशत बढ़कर 83,442.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक 83,516.82 के उच्च और 83,262.23 के निम्न स्तर के बीच घूमता रहा। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 0.30 अंक या 0 प्रतिशत बढ़कर 25,461.30 अंक पर पहुंच गया। विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर चिंताओं के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। 9 जुलाई को भारत समेत दर्जनों देशों पर लगाए गए ट्रंप टैरिफ की 90 दिन की निलंबन अवधि खत्म हो रही है। अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 26 प्रतिशत का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की गई है। आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के तकनीकी एवं डेरिवेटिव विश्लेषक सुन्दर केवट ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद हुआ। बेंचमार्क निफ्टी 25,450 पर खुला और दिन के कारोबार में 25,407 का न्यूनतम स्तर और 25,489 का उच्चतम स्तर छू गया। पूरे सत्र के दौरान सूचकांक मोटे तौर पर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। निवेशक आक्रामक रुख अपनाने में अनिच्छुक दिखे, जिससे व्यापक सूचकांक सीमित दायरे में रहा।
क्या रहा सेंसेक्स कंपनियों का हाल?सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और आईटीसी लाभ में रहीं। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और इटरनल पिछड़ गए। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग नीचे बंद हुए जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक ऊपर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।