अर्जुन भोगेश्वर बरुवा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार की घोषणा

असम, गुवाहाटी : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री तथा असम ओलंपिक संघ (एओए) के अध्यक्ष सर्वानंद सोनोवाल ने देश में खेल प्रतिभाओं को मान्यता देने और उनकी सराहना करने के लिए अर्जुन भोगेश्वर बरुवा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार की स्थापना की घोषणा की। गुवाहाटी स्थित एओए कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने बताया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हर साल तीन श्रेणियों में प्रदान किया जाएगा। इसमें साल का श्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट इन स्पोर्ट्स पुरस्कार और साल की श्रेष्ठ उदियमान खेल प्रतिभा पुरस्कार शामिल हैं। ये पुरस्कार क्रमशः 5 लाख रुपये, 3 लाख रुपये और 2 लाख रुपये के होंगे। इन पुरस्कार के लिए एथलीटों का चयन करने के लिए असम की खेल सचिव, अर्जुन मोनालिसा बरुवा मेहता और ओलंपियन दीपांकर भट्टाचार्य सहित एक तीन सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस साल के राष्ट्रीय पुरस्कार भोगेश्वर बरुवा के जन्मदिन 3 सितंबर को शिवसागर में प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। असम के महान एथलीट अर्जुन भोगेश्वर बरुवा के नाम पर पुरस्कार दिया जाएगा, जिन्होंने एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहले असमिया बनकर इतिहास रच दिया था। उनकी अभूतपूर्व उपलब्धियां असम के खेल जगत में नई उम्मीद और प्रेरणा लाई है और हम दुनिया के विभिन्न देशों में क्षेत्रीय ओलंपिक संघों के माध्यम से उनकी उस विरासत को भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवित रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि असम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस जरूरत है अवसर, सहयोग और समर्थन की और यह पुरस्कार उस दिशा में एक ईमानदार कदम है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय युवा कल्याण और खेल मंत्री के रूप में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टीओपीएस) की शुरुआत की, यह एक अभूतपूर्व पहल थी जिसने भारत की ओलंपिक तैयारियों की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि खेल केवल एक अतिरिक्त गतिविधि नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025 भारत को दुनिया में एक खेल महाशक्ति बनाने में मदद करेगी,जिसमें अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की उत्कृष्टता हासिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। खेलों की ताकत के माध्यम से भारत में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए सक्रिय रूप से प्रस्ताव दाखिल किया है। इस कार्यक्रम में एओए के महासचिव लक्ष्य कुंवर और अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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